श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 56: पाण्डवोंपर विजय प्राप्त करनेके लिये शकुनि और दुर्योधनकी बातचीत  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.56.8 
अग्निदाहान्मयं चापि मोक्षयित्वा स दानवम्।
सभां तां कारयामास सव्यसाची परंतप:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
सव्यसाची परंतप अर्जुन ने मय दानव को अग्नि में जलने से बचाया और उससे उस दिव्य सभा का निर्माण करवाया ॥8॥
 
Savyasachi Parantapa Arjuna saved the demon Maya from burning in the fire and got that divine assembly constructed by him. ॥ 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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