| श्री महाभारत » पर्व 2: सभा पर्व » अध्याय 56: पाण्डवोंपर विजय प्राप्त करनेके लिये शकुनि और दुर्योधनकी बातचीत » श्लोक 15-16 |
|
| | | | श्लोक 2.56.15-16  | शकुनिरुवाच
धनंजयो वासुदेवो भीमसेनो युधिष्ठिर:।
नकुल: सहदेवश्च द्रुपदश्च सहात्मजै:॥ १५॥
नैते युधि पराजेतुं शक्या देवगणैरपि।
महारथा महेष्वासा: कृतास्त्रा युद्धदुर्मदा:॥ १६॥ | | | | | | अनुवाद | | शकुनि ने कहा - राजन ! अर्जुन, श्रीकृष्ण, भीमसेन, युधिष्ठिर, नकुल, सहदेव तथा द्रुपद अपने पुत्रों सहित - इन्हें युद्ध में देवता भी नहीं हरा सकते । ये सभी महारथी, महान धनुर्धर, शस्त्रविद्या में निपुण तथा युद्ध में उन्मत्त होकर लड़ने वाले हैं । 15-16॥ | | | | Shakuni said – King! Arjuna, Shri Krishna, Bhimsen, Yudhishthir, Nakul, Sahadeva and Drupada with his sons - even the gods cannot defeat them in battle. All of them are great warriors, great archers, adept in weaponry and fight with frenzy in battle. 15-16॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|