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mahabharat 2.56.11-12: महान् धनुर्धर एवं पराक्रमी द्रोणाचार्य अपने पुत्र अश्वत्थामा सहित तुम्हारी सहायता के लिए तत्पर हैं। राधानन्दन सूतपुत्र कर्ण, महारथी कृपाचार्य, मैं अपने भाइयों सहित तथा राजा भूरिश्रवा - इन सबके साथ तुम भी सम्पूर्ण पृथ्वी पर विजय प्राप्त करो। ॥11-12॥   |   mahabharat अध्याय 2.56: पाण्डवोंपर विजय प्राप्त करनेके लिये शकुनि और दुर्योधनकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 56: पाण्डवोंपर विजय प्राप्त करनेके लिये शकुनि और दुर्योधनकी बातचीत  »  श्लोक 11-12
 
 
श्लोक  2.56.11-12 
द्रोणस्तव महेष्वास: सह पुत्रेण वीर्यवान्।
सूतपुत्रश्च राधेयो गौतमश्च महारथ:॥ ११॥
अहं च सह सोदर्यै: सौमदत्तिश्च पार्थिव:।
एतैस्त्वं सहित: सर्वैर्जय कृत्स्नां वसुन्धराम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
महान् धनुर्धर एवं पराक्रमी द्रोणाचार्य अपने पुत्र अश्वत्थामा सहित तुम्हारी सहायता के लिए तत्पर हैं। राधानन्दन सूतपुत्र कर्ण, महारथी कृपाचार्य, मैं अपने भाइयों सहित तथा राजा भूरिश्रवा - इन सबके साथ तुम भी सम्पूर्ण पृथ्वी पर विजय प्राप्त करो। ॥11-12॥
 
The great archer and valiant Dronacharya, along with his son Ashwatthama, is ready to help you. Radhanandan Sutaputra Karna, the great warrior Kripacharya, I along with my brothers and King Bhurishrava - along with all of them, you too should conquer the entire earth. ॥11-12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)