Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.55.5: तत्पश्चात वह वहीं गिर पड़ा, जिससे वह मन में दुःखी और लज्जित हुआ और वहाँ से हटकर गहरी साँसें लेता हुआ सभाभवन में घूमने लगा॥5॥ | mahabharat अध्याय 2.55: दुर्योधनका मयनिर्मित सभाभवनको देखना और पग-पगपर भ्रमके कारण उपहासका पात्र बनना तथा युधिष्ठिरके वैभवको देखकर उसका चिन्तित होना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात वह वहीं गिर पड़ा, जिससे वह मन में दुःखी और लज्जित हुआ और वहाँ से हटकर गहरी साँसें लेता हुआ सभाभवन में घूमने लगा॥5॥
Thereafter he fell down on the spot, due to which he became sad and ashamed in his heart, and moving away from there he started walking around the assembly hall taking deep breaths. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥