Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.54.15: 'उन भगवान शिव की कांति कैलाश पर्वत के समान उज्ज्वल होगी। वे वृषभ पर विराजमान होंगे और सदैव दक्षिण दिशा की ओर देखते रहेंगे।॥15॥ | mahabharat अध्याय 2.54: व्यासजीकी भविष्यवाणीसे युधिष्ठिरकी चिन्ता और समत्वपूर्ण बर्ताव करनेकी प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'उन भगवान शिव की कांति कैलाश पर्वत के समान उज्ज्वल होगी। वे वृषभ पर विराजमान होंगे और सदैव दक्षिण दिशा की ओर देखते रहेंगे।॥15॥
‘The radiance of that Lord Shiva will be as bright as the peak of Kailash. He will be seated on a bull and will always be looking towards the south.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥