Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.54.12: 'भरतकुल तिलक! तुम्हें एकमात्र निमित्त बनाकर, समय आने पर समस्त भूस्वामियों का समुदाय आपस में लड़कर नष्ट हो जाएगा। भारतवर्ष क्षत्रियों का यह विनाश दुर्योधन के अपराध तथा भीमसेन और अर्जुन के पराक्रम से संपन्न होगा। 12॥ | mahabharat अध्याय 2.54: व्यासजीकी भविष्यवाणीसे युधिष्ठिरकी चिन्ता और समत्वपूर्ण बर्ताव करनेकी प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'भरतकुल तिलक! तुम्हें एकमात्र निमित्त बनाकर, समय आने पर समस्त भूस्वामियों का समुदाय आपस में लड़कर नष्ट हो जाएगा। भारतवर्ष क्षत्रियों का यह विनाश दुर्योधन के अपराध तथा भीमसेन और अर्जुन के पराक्रम से संपन्न होगा। 12॥
'Bharatkul Tilak! By making you the sole instrument, in due course the entire community of landowners will be destroyed by fighting among themselves. India This destruction of the Kshatriyas will be accomplished by the crime of Duryodhana and the bravery of Bhimsen and Arjun. 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥