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श्लोक  2.53.d28 
एवं प्रवृत्तो यज्ञ: स धर्मराजस्य धीमत:।
शुशुभे च महाबाहो सोमस्येव क्रतुर्यथा॥
 
 
अनुवाद
हे महाबाहु जनमेजय! इस प्रकार बुद्धिमान युधिष्ठिर का यज्ञ चन्द्रमा के राजसी सूर्ययज्ञ के समान सुन्दर हो गया।
 
Mighty-armed Janamejaya! In this way, the yagya of the wise Yudhishthira became as beautiful as the royal sun yagya of the moon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)