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श्लोक  2.53.d23 
इतिहासपुराणानि आख्यानानि च सर्वश:।
ऊचुर्वै शब्दशास्त्रज्ञा नित्यं कर्मान्तरेष्वथ॥
 
 
अनुवाद
यज्ञ-कार्यों के बीच जब भी अवसर मिलता, व्याकरण के ज्ञाता विद्वान लोग इतिहास, पुराण तथा सभी प्रकार के उपाख्यान सुनाया करते थे।
 
Whenever there was an opportunity in the midst of Yagya related activities, learned men with knowledge of grammar used to narrate history, Puranas and all kinds of anecdotes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)