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mahabharat 2.53.d13: युधिष्ठिर के महान यज्ञ में व्यास और धौम्य नामक सोलह पुरोहितों ने निर्धारित तरीके से अपने-अपने कार्य संपन्न किये।   |   mahabharat अध्याय 2.53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.53.d13 
व्यासधौम्यादय: सर्वे विधिवत् षोडशर्त्विज:।
स्वस्वकर्माणि चक्रुस्ते पाण्डवस्य महाक्रतौ॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर के महान यज्ञ में व्यास और धौम्य नामक सोलह पुरोहितों ने निर्धारित तरीके से अपने-अपने कार्य संपन्न किये।
 
The sixteen priests, namely Vyasa and Dhoumya, performed their assigned tasks in a prescribed manner in the great yagya of Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)