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mahabharat 2.53.d11: इस प्रकार बहुत सी गौओं, धन-धान्य से परिपूर्ण उस समृद्ध यज्ञवेदी को देखकर सभी राजा आश्चर्यचकित हो गए।   |   mahabharat अध्याय 2.53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन  »  श्लोक d11
 
 
श्लोक  2.53.d11 
एवं समुदितं सर्वं बहुगोधनधान्यवत्।
यज्ञवाटं नृपा दृष्ट्वा विस्मयं परमं ययु:॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार बहुत सी गौओं, धन-धान्य से परिपूर्ण उस समृद्ध यज्ञवेदी को देखकर सभी राजा आश्चर्यचकित हो गए।
 
In this manner, all the kings were astonished to see that prosperous sacrificial altar filled with many cows and wealth and grains.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)