Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.53.67-68: राजन! यदुवंश शिरोमणि श्रीकृष्ण के द्वारका चले जाने पर भी राजा दुर्योधन और सुबलपुत्र शकुनि- ये दोनों महापुरुष उस दिव्य सभा भवन में ही रहे। 67-68॥ | mahabharat अध्याय 2.53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गते द्वारवतीं कृष्णे सात्वतप्रवरे नृप॥ ६७॥
एको दुर्योधनो राजा शकुनिश्चापि सौबल:।
तस्यां सभायां दिव्यायामूषतुस्तौ नरर्षभौ॥ ६८॥
अनुवाद
राजन! यदुवंश शिरोमणि श्रीकृष्ण के द्वारका चले जाने पर भी राजा दुर्योधन और सुबलपुत्र शकुनि- ये दोनों महापुरुष उस दिव्य सभा भवन में ही रहे। 67-68॥
Rajan! Even after Yaduvansh Shiromani Shri Krishna went to Dwarka, King Duryodhana and Subala's son Shakuni - these two great men remained in that divine assembly hall. 67-68॥
इति श्रीमहाभारते सभापर्वणि शिशुपालवधपर्वणि शिशुपालवधे पञ्चचत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सभापर्वके अन्तर्गत शिशुपालवधपर्वमें शिशुपालवधविषयक पैंतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४५॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके ४२ श्लोक मिलाकर कुल ११० श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥