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mahabharat 2.53.46: अपने भाई की सलाह मानकर धर्मात्मा पाण्डव एक-एक करके यथायोग्य रीति से सब राजाओं के पास गए ॥46॥   |   mahabharat अध्याय 2.53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.53.46 
भ्रातुर्वचनमाज्ञाय पाण्डवा धर्मचारिण:।
यथार्हं नृपतीन् सर्वानेकैकं समनुव्रजन्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
अपने भाई की सलाह मानकर धर्मात्मा पाण्डव एक-एक करके यथायोग्य रीति से सब राजाओं के पास गए ॥46॥
 
Following their brother's advice, the righteous Pandavas went to all the kings one by one in the appropriate manner. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)