Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.53.39: तत्पश्चात् विधिपूर्वक राजसूय महायज्ञ सम्पन्न हुआ। शंख, चक्र और गदा धारण करने वाले महाबाहु भगवान श्रीकृष्ण ने उस यज्ञ की आदि से अन्त तक रक्षा की। 39॥   |   mahabharat अध्याय 2.53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.53.39 
समापयामास च तं राजसूयं महाक्रतुम्।
तं तु यज्ञं महाबाहुरासमाप्तेर्जनार्दन:।
ररक्ष भगवाञ्छौरि: शार्ङ्गचक्रगदाधर:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् विधिपूर्वक राजसूय महायज्ञ सम्पन्न हुआ। शंख, चक्र और गदा धारण करने वाले महाबाहु भगवान श्रीकृष्ण ने उस यज्ञ की आदि से अन्त तक रक्षा की। 39॥
 
After that, the Rajsuya Mahayagya was completed in a formal manner. The mighty-armed Lord Shri Krishna, who wields the conch, disc and mace, protected that yagya from the beginning till the end. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)