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mahabharat 2.53.29: जब श्रीकृष्ण ने शिशुपाल को मार डाला, तब सारी पृथ्वी हिलने लगी, आकाश से बिना बादलों के ही वर्षा होने लगी और भयंकर बिजली चमकने लगी ॥29॥   |   mahabharat अध्याय 2.53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.53.29 
अनभ्रे प्रववर्ष द्यौ: पपात ज्वलिताशनि:।
कृष्णेन निहते चैद्ये चचाल च वसुंधरा॥ २९॥
 
 
अनुवाद
जब श्रीकृष्ण ने शिशुपाल को मार डाला, तब सारी पृथ्वी हिलने लगी, आकाश से बिना बादलों के ही वर्षा होने लगी और भयंकर बिजली चमकने लगी ॥29॥
 
When Sri Krishna killed Sisupal, the entire earth began to shake, rain began to fall from the sky without any clouds, and blazing lightning began to strike. ॥29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)