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mahabharat 2.53.19: मधुसूदन! आपके अतिरिक्त ऐसा कौन है जो पहले अपनी पत्नी को दूसरे की प्रतिज्ञापूर्वक पत्नी मानकर स्वीकार करे और फिर कुलीन पुरुषों की सभा में यह बात कहे?॥19॥   |   mahabharat अध्याय 2.53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.53.19 
मन्यमानो हि क: सत्सु पुरुष: परिकीर्तयेत्।
अन्यपूर्वां स्त्रियं जातु त्वदन्यो मधुसूदन॥ १९॥
 
 
अनुवाद
मधुसूदन! आपके अतिरिक्त ऐसा कौन है जो पहले अपनी पत्नी को दूसरे की प्रतिज्ञापूर्वक पत्नी मानकर स्वीकार करे और फिर कुलीन पुरुषों की सभा में यह बात कहे?॥19॥
 
'Madhusudana! Who other than you would be the one who would first accept his wife as the promised wife of another person and then narrate this in the assembly of noble men?॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)