श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.52.6 
शिशुपाल उवाच
द्विषतां नोऽस्तु भीष्मैष प्रभाव: केशवस्य य:।
यस्य संस्तववक्ता त्वं वन्दिवत् सततोत्थित:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
शिशुपाल ने कहा - भीष्म! आप सदैव भाटों की तरह खड़े होकर जिनका गुणगान करते हैं, उन कृष्ण का प्रभाव हमारे शत्रुओं पर ही रहे।
 
Sisupala said - Bhishma! May the influence of that Krishna, whose praises you always sing standing like a bard, remain with our enemies only.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)