Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.52.41-42: ‘जिन भगवान् गोविन्द की हमने पूजा की है, जो अपनी महिमा कभी नहीं खोते, वे तुम्हारे सामने उपस्थित हैं। तुममें से जो कोई मृत्यु को गले लगाने के लिए अधीर हो, वह आज इन यदुकुल-तिलक चक्रगदाधर श्रीकृष्ण को युद्ध के लिए ललकारे और उनके द्वारा मारे जाने पर इन्हीं भगवान् के शरीर में प्रवेश करे।’॥41-42॥ | mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘जिन भगवान् गोविन्द की हमने पूजा की है, जो अपनी महिमा कभी नहीं खोते, वे तुम्हारे सामने उपस्थित हैं। तुममें से जो कोई मृत्यु को गले लगाने के लिए अधीर हो, वह आज इन यदुकुल-तिलक चक्रगदाधर श्रीकृष्ण को युद्ध के लिए ललकारे और उनके द्वारा मारे जाने पर इन्हीं भगवान् के शरीर में प्रवेश करे।’॥41-42॥
‘The Lord Govinda whom we have worshipped, who never loses his glory, is present in front of you. Whoever amongst you is impatient to embrace death, he should challenge this Yadukul-tilak Chakragadadhar Sri Krishna for battle today and after being killed by him, enter the body of this very Lord.’॥ 41-42॥
इति श्रीमहाभारते सभापर्वणि शिशुपालवधपर्वणि भीष्मवाक्ये चतुश्चत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सभापर्वके अन्तर्गत शिशुपालवधपर्वमें भीष्मवाक्यविषयक चौवालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥