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mahabharat 2.52.4: हे कुरुसिंह भीम! यही कारण है कि यह मूर्ख शिशुपाल आज हम लोगों को कुछ न समझकर सिंह के समान दहाड़ रहा है॥4॥   |   mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  2.52.4 
येनैष कुरुशार्दूल शार्दूल इव चेदिराट्।
गर्जत्यतीव दुर्बुद्धि: सर्वानस्मानचिन्तयन्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुसिंह भीम! यही कारण है कि यह मूर्ख शिशुपाल आज हम लोगों को कुछ न समझकर सिंह के समान दहाड़ रहा है॥4॥
 
Kurusingh Bhima! This is the reason that this foolish Shishupal is roaring like a lion today without considering us as anything. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)