Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.52.35: भीष्म के ऐसा कहने पर अनेक राजा क्रोधित हो गए। कुछ लोग प्रसन्न हुए और कुछ लोग भीष्म की निन्दा करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  2.52.35 
एवमुक्ते तु भीष्मेण तत: संचुक्रुशुर्नृपा:।
केचिज्जहृषिरे तत्र केचिद् भीष्मं जगर्हिरे॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
भीष्म के ऐसा कहने पर अनेक राजा क्रोधित हो गए। कुछ लोग प्रसन्न हुए और कुछ लोग भीष्म की निन्दा करने लगे।
 
Many kings became angry when Bhishma said this. Some people were happy and some started criticizing Bhishma. 35.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)