Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.52.29: वह पक्षी सदैव यही कहता है - 'मा साहसम्' (अर्थात कोई साहसपूर्ण कार्य मत करो), किन्तु स्वयं बहुत साहसपूर्ण कार्य करने पर भी वह इस बात को नहीं समझता। | mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह पक्षी सदैव यही कहता है - 'मा साहसम्' (अर्थात कोई साहसपूर्ण कार्य मत करो), किन्तु स्वयं बहुत साहसपूर्ण कार्य करने पर भी वह इस बात को नहीं समझता।
That bird always says this - 'Ma sahaasam' (meaning don't do any courageous act), but even though it itself does a very courageous act, it does not understand this. 29.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥