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mahabharat 2.52.23: भीष्म! यदि आपने वृध्दजनों से यह धर्म-अधर्म का उपदेश नहीं सुना है, जो मैं अब आपको सुनाने जा रहा हूँ, तो मैं क्या कर सकता हूँ?॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.52.23 
किं हि शक्यं मया कर्तुं यद् वृद्धानां त्वया नृप।
पुरा कथयतां नूनं न श्रुतं धर्मवादिनाम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
भीष्म! यदि आपने वृध्दजनों से यह धर्म-अधर्म का उपदेश नहीं सुना है, जो मैं अब आपको सुनाने जा रहा हूँ, तो मैं क्या कर सकता हूँ?॥ 23॥
 
Bhishma! If you have not heard this dharma-adharma advice from the elders, which I am going to tell you now, then what can I do?॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)