Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.52.19-22h: महाबली भीष्मक, भूमिपाल दंतवक्र, भगदत्त, युपकेतु, जयत्सेन, मगध के राजा सहदेव, विराट, द्रुपद, शकुनि, बृहद्बल, अवंती के राजकुमार विन्द-अनुविन्द, पांडा राजा, श्वेत, उत्तर, महाभाग शंख, अभिमानी वृषसेन, पराक्रमी एकलव्य और पराक्रमी एवं बलशाली राजा कलिंग की उपेक्षा कर कृष्ण की स्तुति क्यों कर रहे हैं? हाँ?। 19—21 1/2॥ | mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मकं च महावीर्यं दन्तवक्रं च भूमिपम्।
भगदत्तं यूपकेतुं जयत्सेनं च मागधम्॥ १९॥
विराटद्रुपदौ चोभौ शकुनिं च बृहद्बलम्।
विन्दानुविन्दावावन्त्यौ पाण्डॺं श्वेतमथोत्तरम्॥ २०॥
शङ्खं च सुमहाभागं वृषसेनं च मानिनम्।
एकलव्यं च विक्रान्तं कालिङ्गं च महारथम्॥ २१॥
अतिक्रम्य महावीर्यं किं प्रशंससि केशवम्।
अनुवाद
महाबली भीष्मक, भूमिपाल दंतवक्र, भगदत्त, युपकेतु, जयत्सेन, मगध के राजा सहदेव, विराट, द्रुपद, शकुनि, बृहद्बल, अवंती के राजकुमार विन्द-अनुविन्द, पांडा राजा, श्वेत, उत्तर, महाभाग शंख, अभिमानी वृषसेन, पराक्रमी एकलव्य और पराक्रमी एवं बलशाली राजा कलिंग की उपेक्षा कर कृष्ण की स्तुति क्यों कर रहे हैं? हाँ?। 19—21 1/2॥
Why are the mighty Bhishmak, Bhumipal Dantavakra, Bhagadatta, Yupketu, Jayatsen, Magadha king Sahadev, Virata, Drupada, Shakuni, Brihadbal, Avanti's prince Vind-Anuvind, Panda King, White, Uttar, Mahabhag Shankha, proud Vrishasena, mighty Ekalavya and ignoring the mighty and powerful King Kalinga praising Krishna? yes?. 19—21 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥