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mahabharat 2.52.18: धनुर्धरों में श्रेष्ठ महाबली रुक्मी की उपेक्षा करके तुम केशव की स्तुति क्यों गाते हो? 18॥   |   mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  2.52.18 
धनुर्धराणां प्रवरं रुक्मिणं पुरुषोत्तमम्।
अतिक्रम्य महावीर्यं किं प्रशंससि केशवम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
धनुर्धरों में श्रेष्ठ महाबली रुक्मी की उपेक्षा करके तुम केशव की स्तुति क्यों गाते हो? 18॥
 
Why do you sing songs of praise of Keshav, disregarding the mighty Rukmi, the best man among archers? 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)