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mahabharat 2.52.14: भीष्म! मुझे युद्ध में द्रोण या अश्वत्थामा की बराबरी करने वाला कोई राजा नहीं दिखाई देता। फिर भी आप इन दोनों की प्रशंसा नहीं करना चाहते॥14॥   |   mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.52.14 
द्रोणस्य हि समं युद्धे न पश्यामि नराधिपम्।
नाश्वत्थाम्न: समं भीष्म न च तौ स्तोतुमिच्छसि॥ १४॥
 
 
अनुवाद
भीष्म! मुझे युद्ध में द्रोण या अश्वत्थामा की बराबरी करने वाला कोई राजा नहीं दिखाई देता। फिर भी आप इन दोनों की प्रशंसा नहीं करना चाहते॥14॥
 
Bhishma! I do not see any king who can match Drona or Ashwatthama in battle. Yet you do not want to praise these two.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)