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mahabharat 2.52.11: भीमसेन की स्तुति करो, जिन्होंने इंद्र के समान शक्तिशाली और अत्यंत कठिन जरासंध को न केवल बाहुयुद्ध से परास्त किया, अपितु उसके शरीर को भी विदीर्ण कर दिया ॥11॥   |   mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.52.11 
वासवप्रतिमो येन जरासंधोऽतिदुर्जय:।
विजितो बाहुयुद्धेन देहभेदं च लम्भित:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन की स्तुति करो, जिन्होंने इंद्र के समान शक्तिशाली और अत्यंत कठिन जरासंध को न केवल बाहुयुद्ध से परास्त किया, अपितु उसके शरीर को भी विदीर्ण कर दिया ॥11॥
 
Praise Bhimasena, who not only defeated Jarasandha, who was as powerful as Indra and was extremely difficult to defeat, through arm combat but also tore his body apart. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)