Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.52.1: भीष्म कहते हैं - भीमसेन, यह चेदिराज शिशुपाल की बुद्धि नहीं है, जिससे वह आप जैसे युद्ध से कभी पीछे न हटने वाले महारथी को चुनौती दे रहा है। यह तो निश्चय ही सम्पूर्ण जगत के स्वामी भगवान श्रीकृष्ण का निश्चित आदेश है॥1॥ | mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म कहते हैं - भीमसेन, यह चेदिराज शिशुपाल की बुद्धि नहीं है, जिससे वह आप जैसे युद्ध से कभी पीछे न हटने वाले महारथी को चुनौती दे रहा है। यह तो निश्चय ही सम्पूर्ण जगत के स्वामी भगवान श्रीकृष्ण का निश्चित आदेश है॥1॥
Bhishma says - Bhimsena, this is not the wisdom of Chediraj Shishupal, by which he is challenging a great warrior like you who never backs down from a fight. It is certainly the decided decree of Lord Krishna, the Lord of the whole universe. ॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥