भीष्म कहते हैं - हे वीर भीमसेन! यह पापी, मन्दबुद्धि राजा शिशुपाल भगवान श्रीकृष्ण के वरदान से कुपित होकर आपको युद्ध के लिए ललकार रहा है।
Bhishma says - O brave Bhimasena! This sinful king Sisupala of dull intellect is infuriated by the boon given by Lord Krishna and is challenging you for a battle.
इति श्रीमहाभारते सभापर्वणि शिशुपालवधपर्वणि शिशुपालवृत्तान्तकथने त्रिचत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सभापर्वके अन्तर्गत शिशुपालवधपर्वमें शिशुपालवृत्तान्तवर्णनविषयक तैंतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४३॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)