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mahabharat 2.51.21: हे देवी! धर्म को जानने वाली! आप डरें नहीं। आपको मुझसे कोई भय नहीं है। बुआ! आप बताएँ कि मैं आपको कौन-सा वर दूँ? आपके कौन-से कार्य में आपकी सहायता करूँ?॥ 21॥   |   mahabharat अध्याय 2.51: भीष्मजीके द्वारा शिशुपालके जन्मके वृत्तान्तका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 51: भीष्मजीके द्वारा शिशुपालके जन्मके वृत्तान्तका वर्णन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.51.21 
मा भैस्त्वं देवि धर्मज्ञे न मत्तोऽस्ति भयं तव।
ददामि कं वरं किं च करवाणि पितृष्वस:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे देवी! धर्म को जानने वाली! आप डरें नहीं। आपको मुझसे कोई भय नहीं है। बुआ! आप बताएँ कि मैं आपको कौन-सा वर दूँ? आपके कौन-से कार्य में आपकी सहायता करूँ?॥ 21॥
 
‘Goddess! Knower of Dharma! Do not be afraid. You have nothing to fear from me. Aunt! You tell me, which boon should I give you? Which of your tasks should I help you accomplish?॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)