श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 50: शिशुपालकी बातोंपर भीमसेनका क्रोध और भीष्मजीका उन्हें शान्त करना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.50.20 
ततश्चेदिपतेर्वाक्यं श्रुत्वा तत् कुरुसत्तम:।
भीमसेनमुवाचेदं भीष्मो मतिमतां वर:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तब चेदिराराज की यह बात सुनकर कुरुवंश में सबसे बुद्धिमान भीष्म ने भीम से यह बात कही।
 
Then, on hearing the words of the King of Chedira, Bhishma, the wisest of all from the Kuru clan, said this to Bhima.
 
इति श्रीमहाभारते सभापर्वणि शिशुपालवधपर्वणि भीमक्रोधे द्विचत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सभापर्वके अन्तर्गत शिशुपालवधपर्वमें भीमक्रोधविषयक बयालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४२॥

 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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