श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 50: शिशुपालकी बातोंपर भीमसेनका क्रोध और भीष्मजीका उन्हें शान्त करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.50.19 
मुञ्चैनं भीष्म पश्यन्तु यावदेनं नराधिपा:।
मत्प्रभावविनिर्दग्धं पतङ्गमिव वह्निना॥ १९॥
 
 
अनुवाद
'भीष्म! उसे छोड़ दो, ये सब राजा देख लें कि यह भीम मेरी शक्ति से उसी प्रकार जल जाएगा जैसे मच्छर अग्नि के पास जाकर जल जाता है।'॥19॥
 
'Bhishma! Leave him, let all these kings see that this Bhima will be burnt by my power in the same way as a mosquito gets burnt when it goes near the fire.'॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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