Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.5.86: हे प्रजानाथ! क्या आप रात्रि के प्रथम दो (दूसरे-तीसरे) प्रहर में सोते हैं और फिर अंतिम प्रहर में उठकर बैठकर धर्म और अर्थ का चिंतन करते हैं?॥ 86॥ | mahabharat अध्याय 2.5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रजानाथ! क्या आप रात्रि के प्रथम दो (दूसरे-तीसरे) प्रहर में सोते हैं और फिर अंतिम प्रहर में उठकर बैठकर धर्म और अर्थ का चिंतन करते हैं?॥ 86॥
O Prajanath! Do you sleep during the first two (second-third) hours of the night (after the first quarter), and then get up in the last hour and sit and contemplate on Dharma and Artha (righteousness)?॥ 86॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥