Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.5.68: आपके धन, अन्न-भंडार, वाहन, मुख्यद्वार, शस्त्र और आय के साधन उन भक्त पुरुषों द्वारा सुरक्षित और देखभाल किए जाते हैं जो सदैव आपके कल्याण के लिए प्रयत्नशील रहते हैं, है न? 68॥ | mahabharat अध्याय 2.5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कच्चित् कोषश्च कोष्ठं च वाहनं द्वारमायुधम्।
आयश्च कृतकल्याणैस्तव भक्तैरनुष्ठित:॥ ६८॥
अनुवाद
आपके धन, अन्न-भंडार, वाहन, मुख्यद्वार, शस्त्र और आय के साधन उन भक्त पुरुषों द्वारा सुरक्षित और देखभाल किए जाते हैं जो सदैव आपके कल्याण के लिए प्रयत्नशील रहते हैं, है न? 68॥
Your wealth, food stores, vehicles, main gate, weapons and sources of income are protected and looked after by devoted people who always strive for your welfare, isn't it? 68॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥