vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना
»
श्लोक 67
श्लोक
2.5.67
कच्चिदभ्यवहार्याणि गात्रसंस्पर्शनानि च।
घ्रेयाणि च महाराज रक्षन्त्यनुमतास्तव॥ ६७॥
अनुवाद
महाराज! आपके भोजन, पहनने के वस्त्र और सुगन्धित पदार्थों की रक्षा तो विश्वसनीय पुरुष ही करते हैं न?॥67॥
Maharaj! Your food items, clothes to wear and the fragrant substances you use for smelling are protected by trusted men only, aren't they?॥ 67॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×