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mahabharat 2.5.64: क्या आपकी सेना, जिसमें ये आठ सदस्य हैं - कोषपाल, धनसंग्रहकर्ता, वैद्य, गुप्तचर, पाचक, सेवक, लेखक और रक्षक - तथा ये चार प्रकार की सेनाएँ - हाथी, घोड़े, रथ और पैदल - योग्य सेनापतियों द्वारा सुसंचालित होकर शत्रुओं का नाश करने में समर्थ हैं?   |   mahabharat अध्याय 2.5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  2.5.64 
कच्चिदष्टाङ्गसंयुक्ता चतुर्विधबला चमू:।
बलमुख्यै: सुनीता ते द्विषतां प्रतिवर्धिनी॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
क्या आपकी सेना, जिसमें ये आठ सदस्य हैं - कोषपाल, धनसंग्रहकर्ता, वैद्य, गुप्तचर, पाचक, सेवक, लेखक और रक्षक - तथा ये चार प्रकार की सेनाएँ - हाथी, घोड़े, रथ और पैदल - योग्य सेनापतियों द्वारा सुसंचालित होकर शत्रुओं का नाश करने में समर्थ हैं?
 
Is your army, consisting of these eight members - the treasure-keeper, the collector of wealth, the physician, the spy, the digestive, the servant, the scribe and the guard - and of these four kinds of forces - elephants, horses, chariots and infantry - well directed by able generals, capable of destroying the enemies?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)