Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.5.52: क्या आपके सेवकों में कोई ऐसा है जो अपनी इच्छा से काम करता हो और आपकी आज्ञा का उल्लंघन करता हो तथा जो युद्ध के समस्त साधनों और कार्यों को अपनी इच्छानुसार अकेले ही नियंत्रित करता हो?॥ 52॥ | mahabharat अध्याय 2.5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्या आपके सेवकों में कोई ऐसा है जो अपनी इच्छा से काम करता हो और आपकी आज्ञा का उल्लंघन करता हो तथा जो युद्ध के समस्त साधनों और कार्यों को अपनी इच्छानुसार अकेले ही नियंत्रित करता हो?॥ 52॥
Is there anyone among your servants who acts according to his own will and violates your orders and who single-handedly controls all the means and tasks of the war according to his own liking?॥ 52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥