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mahabharat 2.5.51: क्या कुलीन कुलों में उत्पन्न हुए सभी मंत्री और अन्य प्रमुख अधिकारी आपसे प्रेम करते हैं? क्या वे युद्ध में आपके हित के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं? ॥ 51॥   |   mahabharat अध्याय 2.5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  2.5.51 
कच्चित् सर्वेऽनुरक्तास्त्वां कुलपुत्रा: प्रधानत:।
कच्चित् प्राणांस्तवार्थेषु संत्यजन्ति सदा युधि॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
क्या कुलीन कुलों में उत्पन्न हुए सभी मंत्री और अन्य प्रमुख अधिकारी आपसे प्रेम करते हैं? क्या वे युद्ध में आपके हित के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं? ॥ 51॥
 
Do all the ministers and other important officials born in noble families love you? Are they always ready to sacrifice their lives for your benefit in war? ॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)