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कच्चिद् बलस्य ते मुख्या: सर्वयुद्धविशारदा:।
धृष्टावदाता विक्रान्तास्त्वया सत्कृत्य मानिता:॥ ४८॥
अनुवाद
क्या तुम्हारी सेना के प्रधान सेनापति चतुर, निर्भीक, ईमानदार और सब प्रकार के युद्धों में वीर नहीं हैं? क्या तुम उनका उचित आदर और सम्मान नहीं करते?॥ 48॥
Aren't the chief commanders of your army clever, fearless, honest and valiant in all kinds of wars? Don't you honour and respect them appropriately?॥ 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥