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mahabharat 2.5.40: क्या तुम्हारे पुरोहित विनम्र, कुलीन, ज्ञानी, विद्वान, दोषरहित और शास्त्रार्थ में कुशल हैं? क्या तुम उनका पूर्ण सम्मान करते हो? 40॥   |   mahabharat अध्याय 2.5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  2.5.40 
कच्चिद् विनयसम्पन्न: कुलपुत्रो बहुश्रुत:।
अनसूयुरनुप्रष्टा सत्कृतस्ते पुरोहित:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
क्या तुम्हारे पुरोहित विनम्र, कुलीन, ज्ञानी, विद्वान, दोषरहित और शास्त्रार्थ में कुशल हैं? क्या तुम उनका पूर्ण सम्मान करते हो? 40॥
 
Are your priests polite, noble, knowledgeable, learned, free from faults and skilled in discussing the scriptures? Do you respect them fully? 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)