Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.5.23: भरतश्रेष्ठ! क्या आपके मंत्रीगण तथा अन्य सात प्रकृतियाँ शत्रुओं से मिल गई हैं? आपके राज्य के धनवान लोग बुरी आदतों से दूर रहते हैं और आपसे पूर्ण प्रेम करते हैं, है न? 23॥ | mahabharat अध्याय 2.5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतश्रेष्ठ! क्या आपके मंत्रीगण तथा अन्य सात प्रकृतियाँ शत्रुओं से मिल गई हैं? आपके राज्य के धनवान लोग बुरी आदतों से दूर रहते हैं और आपसे पूर्ण प्रेम करते हैं, है न? 23॥
Bharatshrestha! Have your ministers and other seven* natures got mixed with the enemies? The rich people of your kingdom stay away from bad habits and love you completely, don't they? 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥