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mahabharat 2.5.123: हे पापरहित राजा! क्या आप मन्त्रबल से प्रयुक्त होने वाले सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों, ऊपर वर्णित दण्डों और शत्रुओं का नाश करने वाले सभी प्रकार के विषों को जानते हैं? 123॥   |   mahabharat अध्याय 2.5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना  »  श्लोक 123
 
 
श्लोक  2.5.123 
कच्चिदस्त्राणि सर्वाणि ब्रह्मदण्डश्च तेऽनघ।
विषयोगास्तथा सर्वे विदिता: शत्रुनाशना:॥ १२३॥
 
 
अनुवाद
हे पापरहित राजा! क्या आप मन्त्रबल से प्रयुक्त होने वाले सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों, ऊपर वर्णित दण्डों और शत्रुओं का नाश करने वाले सभी प्रकार के विषों को जानते हैं? 123॥
 
Sinless king! Do you know all types of weapons (which are used with the power of mantra), the punishments mentioned above and all types of poisons used to destroy enemies? 123॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)