Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.5.120: महाराज! क्या आप किसी के द्वारा किये गए उपकार को जानते हैं? क्या आप उस उपकारी की स्तुति करते हैं और साधुओं से भरी सभा में उसका आदर करते हुए कृतज्ञता प्रकट करते हैं?॥120॥ | mahabharat अध्याय 2.5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कच्चित् कृतं विजानीषे कर्तारं च प्रशंससि।
सतां मध्ये महाराज सत्करोषि च पूजयन्॥ १२०॥
अनुवाद
महाराज! क्या आप किसी के द्वारा किये गए उपकार को जानते हैं? क्या आप उस उपकारी की स्तुति करते हैं और साधुओं से भरी सभा में उसका आदर करते हुए कृतज्ञता प्रकट करते हैं?॥120॥
Maharaj! Do you get to know about the favors done by someone? Do you praise that benefactor and honor him in front of a gathering full of saints expressing your gratitude?॥120॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥