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कच्चित् ते कृषितन्त्रेषु गोषु पुष्पफलेषु च।
धर्मार्थं च द्विजातिभ्यो दीयेते मधुसर्पिषी॥ ११८॥
अनुवाद
क्या तुम खेती से उत्पन्न अन्न, फल-फूल और गौओं से प्राप्त दूध और घी से मधु और घी आदि ब्राह्मणों को धर्म के लिए देते हो? ॥118॥
Do you offer honey and ghee, etc. to brahmins for the sake of religion, from the food grains and fruits and flowers produced by farming and the milk and ghee obtained from cows? ॥118॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥