Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.5.106: हे पुरुषश्रेष्ठ! क्या कोई दुष्ट चोर, जो चोरी करते हुए गृहरक्षकों द्वारा देख लिया जाए और चोरी के माल सहित पकड़ा जाए, धन के लोभ से छूट जाएगा?॥106॥   |   mahabharat अध्याय 2.5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 5: नारदजीका युधिष्ठिरकी सभामें आगमन और प्रश्नके रूपमें युधिष्ठिरको शिक्षा देना  »  श्लोक 106
 
 
श्लोक  2.5.106 
दुष्टो गृहीतस्तत्कारी तज्ज्ञैर्दृष्ट: सकारण:।
कच्चिन्न मुच्यते स्तेनो द्रव्यलोभान्नरर्षभ॥ १०६॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! क्या कोई दुष्ट चोर, जो चोरी करते हुए गृहरक्षकों द्वारा देख लिया जाए और चोरी के माल सहित पकड़ा जाए, धन के लोभ से छूट जाएगा?॥106॥
 
O best of men! Would any wicked thief who is spotted by the house-guards while committing a theft and is caught along with the stolen goods, be let off out of greed for money?॥106॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)