vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 49: शिशुपालद्वारा भीष्मकी निन्दा
»
श्लोक 30
श्लोक
2.49.30
एवं हि कथयन्त्यन्ये नरा ज्ञानविद: पुरा।
भीष्म यत् तदहं सम्यग् वक्ष्यामि तव शृण्वत:॥ ३०॥
अनुवाद
भीष्म! प्राचीन काल में ऋषिगण एक प्राचीन कथा कहते थे। मैं उसे यथारूप में आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ। उसे सुनिए।
Bhishma! The wise men of old used to narrate an ancient tale. I am presenting it to you in its original form. Listen to it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×