Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.49.25: भीष्म! तुम्हारा धर्म क्या है? तुम्हारा यह ब्रह्मचर्य भी व्यर्थ का ढोंग है, जिसे तुमने या तो मोहवश या नपुंसकतावश धारण किया है, इसमें संशय नहीं है॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 2.49: शिशुपालद्वारा भीष्मकी निन्दा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
को हि धर्मोऽस्ति ते भीष्म ब्रह्मचर्यमिदं वृथा।
यद् धारयसि मोहाद् वा क्लीबत्वाद् वा न संशय:॥ २५॥
अनुवाद
भीष्म! तुम्हारा धर्म क्या है? तुम्हारा यह ब्रह्मचर्य भी व्यर्थ का ढोंग है, जिसे तुमने या तो मोहवश या नपुंसकतावश धारण किया है, इसमें संशय नहीं है॥ 25॥
Bhishma! What is your religion? This celibacy of yours is also a futile pretense, which you have adopted either out of infatuation or impotence, there is no doubt about it.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥