श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 49: शिशुपालद्वारा भीष्मकी निन्दा  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.49.24 
दारयोर्यस्य चान्येन मिषत: प्राज्ञमानिन:।
तव जातान्यपत्यानि सज्जनाचरिते पथि॥ २४॥
 
 
अनुवाद
उसकी दोनों विधवा स्त्रियों ने तुम्हारे जैसी विदुषी स्त्रियों के सामने ही अन्य पुरुषों से संतान उत्पन्न की, फिर भी तुम अपने को संतों के मार्ग पर दृढ़ मानते हो॥ 24॥
 
Both his widowed wives gave birth to children by other men in front of learned women like you, yet you consider yourself to be steadfast on the path of saints.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)