Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.49.17: तुम कहते हो, 'वह बुद्धिमानों में श्रेष्ठ है, वह सम्पूर्ण जगत का ईश्वर है' और तुम्हारे ऐसा कहने के कारण ही कृष्ण अपने को ऐसा मानने लगे हैं। वे इन सब बातों को सत्य मानते हैं; परन्तु मेरी दृष्टि में कृष्ण के विषय में तुमने जो कुछ कहा है, वह निश्चय ही मिथ्या है॥ 17॥ | mahabharat अध्याय 2.49: शिशुपालद्वारा भीष्मकी निन्दा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम कहते हो, 'वह बुद्धिमानों में श्रेष्ठ है, वह सम्पूर्ण जगत का ईश्वर है' और तुम्हारे ऐसा कहने के कारण ही कृष्ण अपने को ऐसा मानने लगे हैं। वे इन सब बातों को सत्य मानते हैं; परन्तु मेरी दृष्टि में कृष्ण के विषय में तुमने जो कुछ कहा है, वह निश्चय ही मिथ्या है॥ 17॥
You say, 'He is the best among the wise, He is the God of the whole universe' and because of your saying this Krishna has started thinking of himself as such. He accepts all these things as true; but in my view, whatever you have said about Krishna is definitely false.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥