श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 49: शिशुपालद्वारा भीष्मकी निन्दा  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.49.1 
शिशुपाल उवाच
विभीषिकाभिर्बह्वीभिर्भीषयन् सर्वपार्थिवान्।
न व्यपत्रपसे कस्माद् वृद्ध: सन् कुलपांसन॥ १॥
 
 
अनुवाद
शिशुपाल बोला - हे भीष्म! कुल को लज्जित करने वाले! आप नाना प्रकार के भय से इन समस्त राजाओं को भयभीत करने का प्रयत्न कर रहे हैं। इतने वृद्ध होकर भी आपको अपने कृत्य पर लज्जा क्यों नहीं आती?॥1॥
 
Shishupal said - O Bhishma, you who have brought shame to the family! You are trying to frighten all these kings with various horrors. Despite being so old, why are you not ashamed of your actions?॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)