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mahabharat 2.47.5-6h: सहदेव ने अभिमानी और शक्तिशाली राजाओं के बीच में खड़े होकर अपना पैर दिखाया, परन्तु तब भी कोई भी बुद्धिमान और महान राजा कुछ नहीं बोला।   |   mahabharat अध्याय 2.47: सहदेवकी राजाओंको चुनौती तथा क्षुब्ध हुए शिशुपाल आदि नरेशोंका युद्धके लिये उद्यत होना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 47: सहदेवकी राजाओंको चुनौती तथा क्षुब्ध हुए शिशुपाल आदि नरेशोंका युद्धके लिये उद्यत होना  »  श्लोक 5-6h
 
 
श्लोक  2.47.5-6h 
ततो न व्याजहारैषां कश्चिद् बुद्धिमतां सताम्॥ ५॥
मानिनां बलिनां राज्ञां मध्ये वै दर्शिते पदे।
 
 
अनुवाद
सहदेव ने अभिमानी और शक्तिशाली राजाओं के बीच में खड़े होकर अपना पैर दिखाया, परन्तु तब भी कोई भी बुद्धिमान और महान राजा कुछ नहीं बोला।
 
Sahadeva stood in the midst of proud and powerful kings and showed his foot, but even then none of the wise and great kings said anything. 5 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)