Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.47.13-14: इस प्रकार समस्त राजाओं को युद्ध के लिए उत्साहित करके चेदिराज ने युधिष्ठिर के यज्ञ में विघ्न डालने के उद्देश्य से राजाओं से परामर्श किया। शिशुपाल के इस प्रकार बुलाने पर सुनीत आदि कुछ प्रमुख राजा उसकी सेना का नेतृत्व करते हुए वहाँ आये। वे सभी अत्यन्त क्रोध से भर गये और उनके मुखों की कांति बदल गई प्रतीत हुई।॥13-14॥   |   mahabharat अध्याय 2.47: सहदेवकी राजाओंको चुनौती तथा क्षुब्ध हुए शिशुपाल आदि नरेशोंका युद्धके लिये उद्यत होना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 47: सहदेवकी राजाओंको चुनौती तथा क्षुब्ध हुए शिशुपाल आदि नरेशोंका युद्धके लिये उद्यत होना  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  2.47.13-14 
इति सर्वान् समुत्साह्य राज्ञस्तांश्चेदिपुङ्गव:।
यज्ञोपघाताय तत: सोऽमन्त्रयत राजभि:॥ १३॥
तत्राहूता गता: सर्वे सुनीथप्रमुखा गणा:।
समदृश्यन्त संक्रुद्धा विवर्णवदनास्तथा॥ १४॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार समस्त राजाओं को युद्ध के लिए उत्साहित करके चेदिराज ने युधिष्ठिर के यज्ञ में विघ्न डालने के उद्देश्य से राजाओं से परामर्श किया। शिशुपाल के इस प्रकार बुलाने पर सुनीत आदि कुछ प्रमुख राजा उसकी सेना का नेतृत्व करते हुए वहाँ आये। वे सभी अत्यन्त क्रोध से भर गये और उनके मुखों की कांति बदल गई प्रतीत हुई।॥13-14॥
 
Having thus encouraged all the kings for the war, the Chedi king consulted the kings with the aim of creating an obstacle in the sacrifice of Yudhishthira. On being called by Shishupal in this manner, some prominent kings like Sunith etc. came under the leadership of his army. All of them were filled with extreme anger and the glow on their faces appeared to have changed.॥ 13-14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)